
इंटरनेट डेस्क। ये तो सभी जानते है कि कुरुक्षेत्र युद्ध के पीछे गांधार नरेश शकुनि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें कुरुक्षेत्र युद्ध के पीछे का मास्टरमाइंड माना जाता है, लेकिन उनसे जुड़ी एक बात के बारे में तो आपको विश्वास ही नहीं होगा। बात ये है कि शकुनि ने ही कौरवों को समाप्त करने की कसम खाई थी। जबकि उन्होंने यह युद्ध कौरवों की ओर से ही लड़ा था।

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बताया जाता है कि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी पांडव नहीं थे, बल्कि उनके अपने बहनोई धृतराष्ट्र और भीष्म पितामह थे। बताया जाता है कि शकुनि की इच्छा के विरुद्ध जाकर उनकी बहन गांधारी ने धृतराष्ट्र से विवाह किया था।

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उसी कारण उन्होंने धृतराष्ट्र और भीष्म से बदला लेने का निर्णय लिया। एक कारण हस्तिनापुर के पूर्वजों द्वारा गांधार के पूरे वंश को नष्ट करने को भी माना जाता है। इसी काण शिव भक्त शकुनि ने कौरवों को समाप्त करने की कसम खाई थी।