Saturday, 13 June 2020

दूसरों के लिए कुछ अच्‍छा करने पर मिलने वाली खुशी वास्‍तव में जीवन की सबसे बड़ी खुशी होती है







अपनी सोच को हमेशा पॉजिटिव रखें और अपने वर्तमान को खुशहाल बनाएं – सुप्रभात


सकारात्‍मता खुशी का पहला नियम है। नकारात्‍मकता व्‍‍यक्ति के तन और मन दोनों को प्रभावित करती है। अपनी सोच को हमेशा पॉजिटिव ही रखें। जो लोग खुश रहते हैं वे अपनी समस्‍याओं के लिए दूसरों पर दोषारोपण नहीं करते।


दूसरों के लिए कुछ अच्‍छा करने पर मिलने वाली खुशी वास्‍तव में जीवन की सबसे बड़ी खुशी होती है। सबसे पहले तो आप अपनी तुलना दूसरों से करना छोड़ दीजिये। बुरे लोगों और बुरी चीजों से हमेशा दूर रहें । दुख भरी जिंदगी को दूर करने के लिए हंसी से अच्छा दूसरा कोई इलाज नहीं।


खुशी का मूल है कि आप ओवररिएक्‍ट करने से बचें। अपनी सोच बदलें और खुद से कहें कि आप खुश है और खुश रह सकते हैं। भविष्य में क्या होने वाला है, यह कोई नहीं जानता, लेकिन भविष्य की चिंता में आज मिलने वाली छोटी-छोटी खुशियों से हाथ न धो बैठें। पहले आप अपने वर्तमान को खुशहाल बनाएं, कल किसी ने नहीं देखा।


अपने समय को बिना किसी मतलब के बरबाद न करें । दूसरों पर दोष देने से पहले अपने गलतियों को सुधारें और नई शुरुवात करें । लोगों की बात को न सुनकर अपने दिल की बात सुनें । जो भी कार्य करो उसमे अपना जी जान लगा दो । जिस कार्य को करने से ख़ुशी मिले वही काम करें ।लोगों को सम्मान और खुशियाँ दें और उनसे भी बदले में खुशियाँ और सम्मान पायें ।


प्रिय मित्र आपको यह आर्टिकल पसन्द आया हो तो Comments जरूर कीजिएगा। दिल से बहुत बहुत शुक्रिया मेरे प्रिय मित्र। महाकाल आपकी सब मनोकामना पूर्ण करें, उनका स्नेह आपको और आपके सारे परिवार को सदैव मिले।:):):)