Saturday, 13 June 2020

कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन, फिर इसके बाद थोड़ा सा मुक़द्दर तलाश कर







पंख ही काफ़ी नहीं हैं आसमानों के लिए,


हौसला भी चाहिए ऊंची उड़ानो के लिए।


कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन,


फिर इसके बाद थोड़ा सा मुक़द्दर तलाश कर।


समुंदर में उतर लेकिन उभरने की भी सोच


डूबने से पहले… गहराई का अंदाज़ा लगा।


साहिल से तूफ़ाँ का तमाशा देखने वाले,


साहिल से अंदाज़ा-ए-तूफ़ाँ नहीं होता।


किसी को बे-सबब शोहरत नहीं मिलती है ऐ वाहिद


उन्हीं के नाम हैं दुनिया में जिनके काम अच्छे हैं।








लकीरें खींचते रहने से बन गई तस्वीर,


कोई भी काम हो, बे-कार थोड़ी होता है।


लोग चुन लें जिसकी तहरीरें देने के लिए,


ज़िंदगी की वो किताब-ए-तर हो जाइए।


बेहतर से बेहतर कि तलाश करो,


मिल जाये नदी तो समंदर कि तलाश करो,


टूट जाता है शीशा पत्थर कि चोट से,


टूट जाये पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो।


जिनमें अकेले चलने का होंसला होता हैं,


उनके पीछे एक दिन काफिला होता हैं।


जिंदगी में किसी से अपनी तुलना मत करो जैसे चांद और,


सूरज की तुलना किसी से नहीं की जा सकती क्योकि,


यह अपने समय पर ही चमकते है।








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